#alertmasstatus {
position:fixed;
top:50%;
font-size:14px;
z-index:99999;
transition:all 0.3s ease;
display:none;
padding:8px 16px;
border-radius:3px 0 0 3px;
background:#ff5722;
color:#fff;
text-transform:uppercase;
box-shadow:1px 2px 3px 0 rgba(0,0,0,.3)}
.alignbtncenter {
display: flex;
justify-content: center;
}
.statuscopybtn {
padding:5px;
background-color: #ff5722;
border: none;
outline:none;
color: #fff;
border-radius: 5px;
margin-top: 8px;
margin-bottom: 10px;
}
blockquote{
background: #fafafa;
font-style: italic;
margin-top:5px;
margin-bottom:8px;
font-size: 16px;
padding: 18px;
border-radius: 5px;
border-left: 15px solid #F98407;
box-shadow: 11px 10px 0px #eee;
}
.statuscopybtn:hover {
background-color: #045de9;
background-image: linear-gradient(315deg, #045de9 0%, #09c6f9 74%);
}
.btn {
background-color: RoyalBlue;
padding:5px;
border: none;
outline:none;
color: #fff;
border-radius: 5px;
margin-top: 8px;
margin-bottom: 10px;
margin-left: 5px;
}
/* Darker background on mouse-over */
.btn:hover {
background-color: RoyalBlue;
}
.likebtn-wrapper{
margin-top: 10px !important;
}
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उंगली, जिनकी हमें छूने की औकात नहीं होती
शोख नही हमे मशहूर होने का पर क्या करे इस चेहरे को लोग देखते ही पहचान जाते हैं
एक छोरी मुझसे ये बोली तू हेन्डसम होके भी सिंगल क्यों है? मे बोला संस्कार पगली “संस्कार
खौफ और खून हमेशा आँखों में रखो क्यूंकि,हथियारों से सिर्फ दुश्मनों की हड्डिया टूटती है होसले नही
दुनिया को अक्सर वो लोग बदल देते हैं,जिन्हे दुनिया कुछ करने लायक नहीं समझती
शेर के पाँव में अगर काँटा चुभ जाए,तो उसका ये मतलब नहीं की अब कुत्ते राज करेंगे
मेरा Attitude तो मेरी निशानी है,तू बता तुझे कोई परेशानी है
हम सिंगल लोग हैं साहब, हम Date पर नहीं भंडारे में जाते हैं
तुम जलते रहोगे आग की तरह,और हम खिलते रहेंगे गुलाब की तरह
सही को सही और गलत को गलत कहने की हिम्मत रखता हूँ इसीलिए आजकल रिश्ते कम रखता हूँ
मेरी फितरत में रिश्ते तोड़ना नहीं, रिश्ते निभाने के लिए तो हम बदनाम है
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
सब बोलते है यार बता कैसी है वो? तो यारों सुनो दिखने मैं भोली है,लेकिन बंदूक कि गोली है
बन्दा तो खुद की नज़रो में सही होना चाहिए, दुनिया तो भगवान से भी बहुत दुखी है
ज़ुबान कड़वी ही सही मगर साफ़ रखता हुं कौन, कहाँ, कब बदल गया सबका हिसाब रखता हूँ
तीन ही उसूल हैं मेरी जिन्दगी के आवेदन, निवेदन और फिर ना माने तो दे दना-दन
अपना तो एक ही सपना है,सर पे ताज़ एक मुमताज़ और इस दुनिया पर राज़
हमारे जीने का तरीका थोड़ा अलग है,हम उमीद पर नहीं अपनी जिद पर जीते है
वाक़िफ़ कहाँ दुश्मन अब हमारी उड़ान से,वो कोई और थे जो हार गए तूफान से
घायल शेर की साँसे उसकी दहाड़ से भी ज्यादा खतरनाक होती है
आज कल वो लोग भी कहते है कि हमारा तो नाम ही काफी है जिनको गली में 2 लोग भी नही जानते है
मैं जानता हूं कहां तक उड़ान है उनकी,मेरे ही हाथ से निकले हुए परिंदे हैं
गज़ब की धूप है मेरे शहर में,फिर भी कुछ लोग धूप से नही मुझसे जलते है
वैसे दुश्मनी तो हम कुत्ते से भी नहीं करते है,पर बीच में आ जाये तो शेर को भी नहीं छोड़ते
कोई कितनी भी कोशिश कर ले हमारे जैसा बनने की,लेकिन उसे यह पता होना चाहिये कि शेर बनाए नही जाते,पैदा हुआ करते हैं
सही वक्त पर करवा देंगे हदों का अहसास,कुछ तालाब खुद को समंदर समझ बैठे हैं
फर्क नहीं पड़ता मुझे कि दुनिया क्या कहती है मैं अच्छा हूँ बहुत मेरी माँ कहती है
मुझे क्या डराएगा मौत का मंजर,हमने तो जन्म ही कातिलों की बस्ती में लिया है
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
अंजाम चाहे जो भी हो, पर खेल तो अब बडा़ ही खेलेंगे
हम खराब लोगों में एक खूबी हैं,हम मुसीबत में काम आते हैं
हम बुरे ही भले अब जब अच्छे थे,तब कौन से मैडल मिल गए?
अकड़ तोड़ दू तेरी कुछ इस तरह,बाद में शायद खुद को ना पहचान पाएगा,घमंड भी तेरा चूर चूर होगा जल्दी ही,और किससे भिड़ा था ये भी जान जाएगा
जानने की मुझे कोशिश ना कर,सोचने बैठेगा तो खुद को ही भूल जाएगा,फिर कहता फिरेगा कौन हूं मै गिरते पड़ते दर दर की ठोकरें खाएगा
जीत निश्चित हो तो कायर भी लड़ सकते हैं,बहादुर वे कहलाते हैं,जो हार निश्चित हो,फिर भी मैदान नहीं छोड़ते
हम तो दुश्मन की शक्ल देखकर उसकी औकात बता देते है
अंदाज़ तो हमारा भी खतरनाक हैं जिसको भुला दिया एक बार तो समझो भुला दिया
मेरी किस्मत को परखने की कोशिश ना करना,पहले भी कई तूफानों को मोड़ चुका हूं,राजा हूं मै बदमाशों की दुनिया का,अब तक बहुत लोगो का घमंड तोड़ चुका हूं
समय के एक तमाचे की देर है प्यारे, मेरी फ़क़ीरी भी क्या, तेरी बादशाही भी क्या
माचिस तो यूँ ही बदनाम है हुजुर,हमारे तेवर तो आज भी आग लगाते है
मै उन लोगो को माफ़ नहीं कर सकता,जो मुझे बार बार धोखा देते है
चलो आज फिर थोडा मुस्कुराया जाये,बिना माचिस के कुछ लोगो को जलाया जाये
अजीब सी आदत और गज़ब की फितरत है मेरी, मोहब्बत हो या नफरत बहुत शिद्दत से करता हूँ
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
मेरे ठोकरें खाने से भी कुछ लोगों को जलन है, कहतें हैं यह शख्स तजुर्बे में आगे निकल गया
औकात की बात मत कर ऐ दोस्त,लोग तेरी बन्दूक से ज्यादा मेरे आँखों से डरते है
सीधा चेहरा इतिहास गहरा
जीवन में आप वो मुकाम हासिल करो की जहाँ लोग आपको ब्लॉक नही बल्कि सर्च करे
भाई की हुंकार को कभी हल्के में मत लेना हमें हलाली और दलाली पसंद नहीं है हम जो करते है, झटके और फटके में करते है
भीड़ में खड़ा होना मकसद नहीं है मेरा, बल्कि भीड़ जिसके लिए खड़ी है वह बनना है मुझे
बचपन से ही शौक था अच्छा इंसान बनने का,लेकिन बचपन खत्म और शौक भी खत्म
जीत का असली मज़ा तब है दोस्तो जब दुश्मन भी तुमसे हाथ मिलाने को बेताब रहे
सबको अच्छे लगना जरूरी नहीं,किसी की आँखों मे खटकना भी जरूरी है
समझ मे आया तो अच्छा है,वरना तू अभी बच्चा है
हम दुनिया से अलग नहीं हमारी दुनिया ही अलग है
तू इतना भी बेहतरीन नही जिस के लिऐ मै खुद को गिरा दूं
समन्दर की तरह है हमारी पहचान ऊपर से खामोश और अंदर से तूफान
हमारी ताकत का अंदाजा हमारे जोर से नही दुश्मन के शोर से पता चलता है
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
आज तक एसी कोई रानी नही बनी जो इस बादशाह को अपना गुलाम बना सके
पलटकर जवाब देना गलत बात है लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदे भूल जाते है
दुनिया क्या सोचेगी ये मै कभी नहीं सोचता
मस्त रेहता हूं अपनी मस्ती मैं, जाता नहीं मतलबी लोगो की बस्ती मैं
मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं, मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है
जी भर गया है तो बता दो हमें इनकार पसंद है इंतजार नहीं
हक़ से दे तो तेरी नफरत भी सर आँखों पर खैरात में तो तेरी मोहब्बत भी मंजूर नही
हम तो दिलके बादशाह हैं जो सुनते भी दिल की है और करते भी दिल की है
बदलना कौन चाहता है जनाब यहाँ लोग मजबूर कर देते है बदलने के लिए
इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा वो मुझे सलाम करते है जिन्हे तु सलाम करता हैं
हमें हद में रहना पसंद है और लोग उसे गरूर समझते हैं
क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे मुझे उसने चाहा जिसके चाहने वाले हजारो थे
तुम अपनी अच्छाई में मशहूर रहो, हम बुरे है हमसे दूर रहो
ना मीठे हैं और न बनने की कोशिश करते हैं हम तो वो सच हैं जो सबको कड़वे लगते हैं
जैसा दोगे वैसा ही पाओगे फ़िर चाहे इज्ज़त हो या धोखा
इज्जत दोगे तो इज्जत पाओगे अकड़ दिखाओगे तो हमारा कुछ नहीं उखाड़ पाओगे
ऐसा कोई शहर नहीं, जहा अपना कहर नहीं, ऐसी कोई गली नहीं जहा अपनी चली नहीं
जो उड़ने का शोंक रखते है वो गिरने का खौफ नहीं रखते
बुरे हैं ह़म तभी तो ज़ी रहे हैं अच्छे होते तो द़ुनिया ज़ीने नही देती
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
जलना जलाना यह सब फ़ुज़ूल है अपने काम में मस्त रहना यह अपना उसूल है
बाप के सामने अय्याशी और हमारे सामने बदमाशी बेटा भूल कर भी मत करियो
जैसा भी हूं अच्छा या बुरा अपने लिये हूं,मै खुद को नही देखता औरो की नजर से
मैं क्या हूँ ये सिर्फ में जानता हूँ बाकी दुनिया तो सिर्फ अंदाज़ा लगा सकती है
इरादे मेरे हमेशा साफ़ होते हैं इसलिये कई लोग मेरे खिलाफ होते हैं
वक़्त की बात है आज तेरा है कल मेरा होगा और जब मेरा होगा तोह सोच तेरा क्या होगा
खामोश ही रहने दो मुझे यकीन मनो में जवाब बहुत बुरा देता हु
आज कर लिया खुदसे ये वादा नहीं चाहेंगे किसीको उसकी औक़ात सी ज़्यादा
परवाह नहीं चाहे जमाना कितना भी खिलाफ हो हिसाब सबका होगा कोई कितना भी बड़ा नवाब हो
हम आज भी शतरंज़ का खेल अकेले ही खेलते हे क्युकी दोस्तों के खिलाफ चाल चलना हमे आता नही
तेरा घमंड ही तुझे हराएगा मैं क्या हूँ ये तुझे वक़्त बताएगा
किसी ने क्या खूब लिखा है मैं पसंद तो बहुत हूँ सबको पर जब उनको मेरी जरूरत होती है तब
खुद से कभी नहीं हरा तो ये दुनिया क्या हरायेगी
हमारी हस्ती भी कुछ ऐसी है साहेब, अच्छे लोग आप और बुरे लोग बाप कहते है
रिश्ते उन्ही से बनाओ जो निभाने की ओकात रखते हो
Boys Attitude Status In Hindi
जिन्हे अपना समझा वो पीठ पीछे खंजर खोप रहे है बिचारे कुत्ते शेर के आगे भोंक रहे है
जिसे आज मुजमे हजार एब नजर आते हे , कभी वही लोग हमारी गलती पे भी ताली बजाते थे
ज़्यादा इंतज़ार करने की आदत नहीं है मुझे मोहब्बत है तो पास आओ वरना भाड़ में जाओ
पैसा हैसियत बदल सकता है औकात नहीं
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
मिज़ाज ठंडा रखिए जनाब गर्म तो हमें सिर्फ चाय पसंद है
मेरे अकेलेपन का मजाक बनाने वालों जरा ये तो बताओ जिस भीड़ में तुम खड़े हो उसमे कौन तुम्हारा है
माफ़ी गल्तियों की होती है धोखे की नहीं
जो मज़ा अपनी पहचान बनाने मे है वो किसी और की परछाई बनने मे कहा
फैसले सबके होंगे हुज़ूर बस ज़रा सही वक्त तो आने दीजिये
हमारा नाम इतना भी कमज़ोर नहीं जो 2/4 कुत्तों के भोकने से बदनाम हो जाये
प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा
बादशाह कोई भी हो जहा हम कदम रखते है वहा किसी की हुकूमत नहीं चलती
सब गुरूर देख रहे थे अपनी ताकतों का, हमने दिमाग चलाकर सबका मुँह बंद कर दिया
तेरी महफ़िल में मेरे चर्चे होंगे, तेरी एक महीने की तनका मेरे एक दिन के खर्चे होंगे
जो आज तुम्हें छोड़ गया है वो वापस लौट कर जरूर आएगा, पहले तुम एक बार सफलता तो हासिल करो
डर से मत डरो, डर को डराओ,जो भूल गया है उसे उसकी औकात याद दिलाओ
एक सवाल,क्या सच में उसकी इतनी औकात है क्या,जिसके लिए तुम अपने माँ-बाप को भी छोड़ देते हो
कुछ को हकीकत कुछ को ख्वाब करना है,बहोत से लोग है जिनका हिसाब करना है
ख्वाइशो का कैदी हूँ,मुझे हकीक़ते सज़ा देती है,आसान चीजो का शौंक नहीं मुझे मुश्किलें मज़ा देती है
पहले रिश्ते निभाना सिखों,प्यार तो कोई भी कर लेगा
कर लो नजर अंदाज अपने हिसाब से जब हम करेगे तो बेहिसाब करेगे
कभी दोस्ती के लिए लडना हो तो,आवाज देना दोस्तो कसम से मैदान में आकर नहीं,घर में घूसकर मारेगें
किस्मत से लड़ने में मजा आ रहा है ना किस्मत मुझे जीतने दे रही है ना मैं हार मान रहा हूँ
हर चीज़ उठायी जा सकती है,पर गिरी हुई सोच नहीं
जलते है दुश्मन मेरे क्योंकि,मेरे दोस्त मुझे दोस्त नही भाई मानते है
दुनिया का उसूल है जब तक काम है तेरा नाम है वरना दूर से सलाम है
भीड इकट्ठी करके तो किसी को भी हराना आसान है,लेकिन मजा तब है जब आपका नाम सुनते ही भीड में भगदड मच जाये
मुझे देखना है तो प्यार से देख पगली,एसे गुस्से में तो तेरे घरवाले भी देखते है
नाम की दोस्ती काम की यारी दूसरों की तरह ये आदत नहीं हमारी
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
अपनों को आजमा कर तो देखो,अगर दुश्मनों से मोहब्बत ना हो जाए तो कहना
जिनकी पहचान बनी मेरी वजह से आज वह मुझे ही नहीं पहचानते
जब दुश्मनी में मज़ा आने लगता है तो,साले दुश्मन माफी मांगने लग जाते है
मुँह पर सच बोलने की आदत है इसलिए मै बहुत बत्तमीज हूँ
वो बुलंदियाँ भी किस काम की जनाब,जहाँ इंसान चढ़े और इंसानियत उतर जाये
मेरी औकात देखने के लिए तेरी भी औकात होनी जरुरी है
अब अपनी शख्सियत की भला मैं क्या मिसाल दूँ यारों ना जाने कितने लोग मशहूर हो गये,मुझे बदनाम करते करते
जिगर बड़ा था इसलिए टकराने आ गए , जो हमे नहीं जानते उन्हे भी तो पता चले के जंगल में शेर पुराने आ गए
मुझे पागलो से दोस्ती करना पसंद है ,क्योंकि मुसीबत में कोई समझदार नहीं आता
जहाँ कोशिशों का कद बड़ा होता है,वहाँ नसीबों को भी झुकना पड़ता है
धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है
नहीं चाहिए जो मेरी किस्मत में नहीं भीख मांग कर जीना मेरी फितरत मे नहीं
मोहब्बत अब समझदार हो गयी है,हैसियत देख कर आगे बढ़ती है
वो बोले ताली तो दोनों हाथों से बजती है,मैंने चमाट मार के बजा दी,एक हाथ से ताली
फ़र्क़ बहुत हे तेरे और मेरे में तुमने उस्तादों से सीखा है मैंने हलातो से सीखा है
दहशत आँखो में होनी चाहिए हतियार तो चौकीदार भी रखते है
मतलबी नहीं मै बस दूर हो गया हूँ, उन लोगो से जिन्हे मेरी कदर नही
सुनो किसी के पास तमीज का नंबर है सब कहते हैं तमीज से बात करो
एक अलग सी पहचान बनाने की आदत है हमें,जख्म हो जितना गहरा उतना मुस्कुराने की आदत है हमें
आजकल ज़माने के साथ चलना है तो,आपको चेहरे बदलने का हुनर ज़रूर आना चाहिए
हालात सीखा देती है बाते सुनना और सहना वरना हर शख़्स अपने आप में बादशाह होता है
लोग पूछते हैं इतने गम में भी खुश क्युँ हो मैने कहा दुनिया साथ दे न दे मेरे दोस्त तो साथ हैं
बदला तो वो लेते है जिनका दिल छोटा होता है, हम तो माफ़ करके दिल से निकाल देते है
टक्कर की बात मत करो जिस दिन सामना होगा,उस दिन हस्ती मिटा देंगे
बदल गए है हम क्योंकि बात अब औकात तक आ पहुंची है
परख न सकोगे ऐसी शख़्सियत है मेरी,में उन्ही के लिए हूँ जो जाने क़दर मेरी
दिल की ख़ामोशी पर मत जाओ राख के नीचे आग दबी होती है
शरीफ तो हम बचपन से थे पर क्या करें,दिल तोड़ना लड़कियों ने सिखाया तो हड्डिया तोड़ना यारों ने सिखाया
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
खामोश हु बेज़ुबान नही शिकारी हु किसी का शिकार नहीं
अभी मैंने खुद को शीशे में देखा,तो पता चला कि दुनिया में मासूम लोग आज भी जिन्दा हैं
लोग वाकिफ हे, मेरी आदतो से रूतबा कम ही सही पर लाजवाब रखता हूँ
अगर हमसे मिलना हो तो ज़्यादा गहरे पानी मे आना,बेशकीमती ख़ज़ाने कभी किनारे पर नहीं मिला करते
लहरें समंदर से उठती है किनारो से नहीं बदमाशी हिम्मत से होती है सहारो से नहीं
औकात में रखना था जिसे,गलती से दिल में रख लिया उसे
मैंने अपनी मौत की अफवाह उड़ाई थी,दुश्मन भी कह उठे आदमी अच्छा था
सीने में जिगर रखना पड़ता है छोटे हाथ में घोडा रखने से हर कोई बस्ती का रघु नहीं बन जाता
दुनिया खामोशी भी सुनती हैं, लेकिन पहले धूम मचानी पड़ती हैं
वक्त का ख़ास होना जरूरी नहीं है ख़ास के लिए वक्त होना जरूरी है
मुझे चाहने वालों की तादात बढती जा रही है,मुझसे नफरत करने वालो अपनी दुआओं मे थोड़ा असर लाओ
होता है तो होने दो मेरे कत्ल का सौदा, मुझे भी तो पता चले बज़ार में हमारी क़ीमत क्या है
मुझे अच्छे लगते है वो लोग, जो मुझसे नफ़रत करते है,क्योंकि हर कोई प्यार से देखेगा तो नज़र लग जाएगी
आज भी हारी हुयी बाजी खेलना पसंद है हमें क्युकी हम किस्मत से ज्यादा अपने आप पे भरोसा करते है
वो खुद पर इतना गुरूर करते है तो इसमें कोई हैरत की बात नहीं जिन्हे हम चाहते है वो आम हो भी नहीं सकते
तुम सिखाओ अपने दोस्तों को हथियार चलाना,हमारे दोस्त तो पहले से ही बारूद है
मत किया कर इतना गुरूर ऐ इंसान अपने आप पर,ना जाने कितने मिटा डाले खुदा ने तेरे जैसे बनाकर
वो समझे थे तमाशा होगा मैंने चुप रह के बाजी पलट दी
जिंदगी दोस्तों से नापी जाती है,तरक्की दुश्मनों से
डूब जाए आसानी से, मै वो कश्ती नहीं,मिटा सको तुम मुझे, ये बात तुम्हारे बस की नहीं
तेवर तो हम वक़्त आने पे दिखायेगे शहर तुम खरीद लो पर हुकुमत हम चलायेंगे
बाकी लड़कों के नाम Love Letter लिखा जाता है,हमारे नाम FIR लिखी जाती है
पत्थर सा बदनाम हूँ साहब अपने शहर में आईना कहीं भी टूटे नाम मेरा ही आता है
इतनी छोटीसी उम्र में इतने चाहने वाले बना दिए हैं कि,अगर हम मर गए तो क़ब्रिस्तान में मेला लग जायेगा
बहुत से आए थे हमें गिराने,कुछ ना कर पाए बीत गए ज़माने
वक्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त,मजा तो तब है जब वक्त बदल जाये पर यार ना बदले
बुराई भी होनी ज़रूरी है छोटे हर रोज़ तारीफ मिलेगी तो आगे नहीं बढ़ पाएगे
उस जगह पे हमेशा खामोश रहना जहाँ दो कौड़ी के लोग अपनी हैसियत के गुण गाते हैं
काम ऐसा करो की नाम हो जाए या फिर नाम ऐसा करो की सुनते ही काम हो जाए
मिजाज में थोड़ी सख्ती जरूरी है साहेब,लोग पी जाते अगर समुन्दर खारा ना होता
हमसे उलझना कुछ ऐसा है,जैसे बारूद के ढेर पर बैठकर चिंगारी से खेलना
जब अपने ही परिंदे किसी और के दाने के आदी हो जाएं तो उन्हें आज़ाद कर देना चाहिए
हमारी हँसी मिटाने की कोशिश मे ना जाने कितनो का वजूद मिट गया
जंगल मे जब शेर चैन की निन्द सोता है,तो कुतो को गलत फहमी हो जाती है,के इस जंगल मे अपना राज है
मेरी दोस्ती का फायदा उठा लेना,क्युंकी मेरी दुश्मनी का नुकसान सह नही पाओगे
हैसियत की बात ना कर दोस्त,तेरी जेब से बड़ा मेरा दिल है
हम माफ़ तो बार बार करते है मगर भरोसा सिर्फ एक बार करते है
अकड़ बहुत हैं हमने माना तोड़ दूँगा हमें मत दिखाना
रूठा हुआ है मुझसे इस बात पर ज़माना शामिल नहीं है मेरी फ़ितरत में सर झुकाना
बादशाह तो में कहीं का भी बन सकता हूँ,पर तेरे दिल की नगरी में हुकूमत करने का मज़ा ही कुछ अलग है
लाख तलवारे बढ़ी आती हों गर्दन की तरफ, सर झुकाना नहीं आता तो झुकाए कैसे
समझा दो उन समझदारों को,कि कातिलों की गली में भी दहशत हमारे ही नाम की ही है
अक्सर औकात की बात वही किया करते है,जो कायर हमेशा झुंड में चला करते हैं
ज़माने में आये हो तो जीने का हुनर भी रखना दुश्मनों से कोई खतरा नहीं बस अपनो पे नजर रखना
हमारे कद के बराबर ना आ सके जो लोग,हमारे पाव के निचे खुदाई करने लगे
(adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({});
लोगो को गोली की तरह लगती है बातें मेरी मतलब मेरा निशाना बहुत अच्छा है
ऊँचा उड़कर इतना ना इतराओ परिंदो,अगर में औकात पर आ गया तो आसमान खरीद लूंगा
मिल सके आसानी से उसकी ख्वाहिश किसे है ज़िद तो उसकी है जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं
ख्वाब टूटे है मगर हौंसले जिन्दा है,हम तो वो है जिन्हें देख के मुश्किलें भी शर्मिंदा है
वाक़िये तो अनगिनत हैं ज़िंदगी के,समझ नहीं आता कि किताब लिखूँ या हिसाब लिखूँ
कुछ पन्ने क्या फटे ज़िन्दगी की किताब के,ज़माने ने समझा हमारा दौर ही ख़त्म हो गया
दुनिया से हमेशा आगे चलो वरना पीछे तो दुश्मन भी पडे है
बेटा Game बहुत अच्छा खेला तूने लेकिन बंदा गलत चुन लिया
कमाल करते है हमसे जलन रखने वाले,महफ़िलें खुद की सजाते है और चर्चे हमारे करते है
शोर गुल मचाने से नाम नहीं बनता,काम ऐसा करो की ख़ामोशी भी अख़बारों में छप जाए
ताश का जोकर और अपनों की ठोकर,अक्सर बाज़ी घुमा देते है
हमारी अफवाह के धुंए वही से उठते है,जहाँ हमारे नाम से आग लग जाती है
मिजाज हमारा भी कुछ-कुछ है समुंद्र के पानी जैसा खारे हैं,मगर खरे हैं
कुछ लोग चप्पल के जैसे होते है,साथ तो देते है पर पीछे से कीचड़ उड़ाते रहते है
आसमान पर ठिकाने किसी के नहीं होते,जो ज़मीन पर नहीं होते वो कहीं पे नहीं होते
मंजिले मुझे छोड़ गई रास्तो ने संभाल लिया,ज़िन्दगी तेरी जरुरत नहीं मुझे हादसों ने पाल लिया
किसी को इतना भी मजबूर ना करो कि उसकी ख़ामोशी टूटे,और वो तुम्हारी धज्जियाँ उड़ा दे
















































































































































































































